वाराणसी। कोरोना का संक्रमण शहर को अपनी गिरफ्त में तेज़ी से ले रहा है। ऐसे में जिलाधिकारी लगातार समय समय पर नयी गाइडलाइन जारी कर इसकी रफ्तार को रोकने में लगे हुए हैं। डीएम के आदेशानुसार शनिवार और रविवार को पूर्ण बंदी का आदेश है। हालांकि त्यौहार को देखते हुए मिठाई और खानपान की दुकानों को खोलने की छूट भी दी जा रही है। वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जो छूट की आड़ में अपनी रोटी सेंकने से बाज नहीं आ रहे हैं। जी हाँ हम बात कर रहे हैं वाराणसी के लहरतारा स्थित टाटा मोटर्स वर्कशॉप की जहाँ, डीएम के गाइडलाइन का खुले आम मखौल उड़ाया जा रहा है या यूँ कह लीजिये कि डीएम के आदेश की बेखौफ धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। टाटा मोटर्स की वर्कशॉप पर कर्मचारियों को शनिवार को भी काम के लिए बुलाया जाता है और उनसे काम करवाया जाता है। जबकि डीएम ने शनिवार और रविवार को पूर्ण बंदी का सख्त निर्देश दे रखा है, देखिये हमारे संवाददाता सौम्या और नोमेश की खास रिपोर्ट :

देखा आपने जब हमने वर्कशाप पर लोगों बात करने की कोशिश कि तो कैसे एक दूसरे को हमारे पूछे सवालों के उत्तर देने के लिए बुला रहे थे। इसी सब के बीच हमारी संवाददाता वर्कशॉप के गार्ड से पूछने गयी तो उन्होंने भी यह कहा कि मालिक जवाब देंगे। इस बीच हमारे सहयोगी कैमरे से उस वर्कशॉप में सारी गतिविधियों को कैद करने लगते हैं । तभी वर्कशाप मैनेजर निर्भय तिवारी बाहर आते हैं और हमे  वर्कशॉप से बाहर जाने के लिए कहते हैं लेकिन फिर भी हम वहीँ डटे रहते हैं, जिसके बाद निर्भय तिवारी हमे डीएम का हवाला देते हुए एक कॉपी दिखते हैं जिसमें तारीख 29 मई 2020 लिखी हुई थी।  गौरतलब है कि ये उस समय की कॉपी थी जब लॉक डाउन में फैक्ट्री, वर्कशॉप आदि को तय मानक के अनुसार खोलने की छूट दी गयी थी।

हालांकि उसके बाद डीएम ने कई बार गाइड लाइन्स में परिवर्तन किया और साफ शब्दों में शनिवार और रविवार को सभी प्रतिष्ठान , वर्कशाप आदि को बंद रखने का सख्त निर्देश दे रखा है। बावजूद इसके टाटा मोटर का वर्कशॉप हर शनिवार को खुलता है और और वहां गाड़ियों की मरम्त और बाकी सारी चीजे होती रहती हैं। इन सब के बीच जब हम वर्कशाप से बाहर निकल आये तो टाटा मोटर्स के मालिक विनम्र अग्रवाल गेट पर आकर अपने वर्कर को हिदायत देते हुए कहते हैं कि गेट को पूरी तरह से बंद रखा जाये और बिना परमिशन किसी को  अंदर ना आने दिया जाये।

वहीं इस बाबत नेशनल विजन जब उस कॉपी की सत्यता जानने के लिए डीएम/एडीएमई से बात कर जब पूछा तो उन्होंने सिरे से इस कॉपी को नकारते हुए कहा कि शनिवार और रविवार को कुछ जरूरी चीजों को छोड़कर सबको बंद रखने का सख्त आदेश है। अब इसी बात से अंदाजा लगा लीजिये की इन बड़े लोगों के लिए अधिकारियों के आदेश कोई मायने नहीं रखता है। ग़ौरतलब है कि हमारे कप्तान साहब भी हर रोज देर रात तक सड़कों पर निकल कर चेकिंग करते देखे जा सकते है, लेकिन साहब आप तो रात में चेकिंग कर रहे हैं, सुबह के चेकिंग की जिम्मेदारी भी तो कहीं न कहीं आप की ही बनती है। हालांकि एसएसपी साहब अपने काम को बखूबी अंजाम भी दे रहे मगर उनके मातहत अब तक उनके कार्यशैली को ठीक से समझ नहीं पाए हैं। जो भी हो मगर सवाल तो यहाँ वाजिब है कि शहर के ऐसे कई इलाके हैं जहाँ सही मायने में सख्ती नहीं बरती जा रही है फिर वो जिला प्रशासन हो या पुलिस प्रशासन का।

DM के दिशानिर्देश का तो पालन करवाना ही होगा कप्तान साहब, आप के मातहत थाना प्रभारी की जिम्मेदारी और जवाबदेही तो तय होनी चाहिए, नेशनल विज़न की खास रिपोर्ट 
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