भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ होगें बिपिन रावत

0
17

 

रिपोर्ट-अंकित सिंह

नई दिल्ली। भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत साल के आखिरी दिन अपने पद से रिटायर हो रहे हैं। उनके स्थान पर अगले भारतीय सेना प्रमुख की जिम्मेवारी मनोज मुकुंद नरवाणेदिया जाना तय है। इन तमाम खबरों के बीच एक बड़ी खबर यह भी है कि केंद्र सरकार द्वारा पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत को बनाने के नाम पर मुहर लग गया है। केंद्र सरकार द्वारा रविवार को सीडीएस के लिए उम्र की सिमा को बढ़ा दिया गया था। सीडीएस के पद पर कार्य करने वाला अधिकारी तीनों सेनाओं का प्रमुख रहेगा साथ हीं यह चार स्टार रैंक का अधिकारी रहेगा। 

सीडीएस के गठन की जरुरत कारगिल युद्ध के बाद से हीं होने लगी थी।  कारगिल युद्ध के समय भारतीय वायुसेना और भारतीय सेना के बीच तालमेल का अभाव देखने को मिला। इसी कमी को 2001 में डिप्टी पीएम रहे लाल कृष्ण आडवाणी की अध्यक्षता में गठित ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने समीझा की तो यह बात सामने आयी थी। उसके बाद सरकार को सीडीएस के गठन की सिफारिश कि।19 साल बाद आखिरकार भारत सरकार ने इस सिफारिश को स्वीकार करते हुए सीडीएस का गठन किया।

सरकार के इस निर्णय के बाद जहां विपक्ष इसका विरोध कर रहा है। कुछ जानकारों का कहना है कि एक व्यक्ति के पास इतना अधिकार देना सैन्य शक्ति के लिए सही कदम नहीं है।

सीडीएस के गठन से पहले यह व्यवस्था था कि केंद्र सरकार द्वारा तीनों सेनाओं में सबसे वरिष्ठ जनरल को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बनाने का प्रवधान था। इसके साथ ही तीनों सेनाओं के बीच सही तरीके से तालमेल बैठाया जा सके इसके लिए ट्राई सर्विसेज की व्यवस्था रही है। संयुक्त कांफ्रेंस होती है। सुरक्षा मामलों के कैबिनेट में तीनों सेना के प्रमुख शामिल होते है।

सीडीएस के कार्य तीनों सेनाओं के बीच तालमेल स्थापित करना और सही नेतृत्व को देना रहेगा।भारत के साथ और भी देशों में सीडीएफ स्टाफ की नियुक्ति किया गया है,जिसमें प्रमुख रूप से यूनाइटेड किंगडम,श्रीलंका,इटली,फ्रांस,सहित लगभग 10 देशों में सीडीएफ स्टाफ की नियुक्ति किया गया है।