BHU के होलकर भवन पर छात्रों का प्रदर्शन, भेदभाव का लगाया आरोप

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वाराणसी। बीएचयू में होलकर भवन के सामने छात्रों का धरना प्रदर्शन एकबार फिर से शुरू हो गया है। छात्रों ने बीएचयू प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में जातिवाद का खेल खेला जा रहा है। अनारक्षित पदों के लिए एससी,एसटी और ओबीसी के आवेदकों को अयोग्य करार देकर उनको एडमिट कार्ड नहीं भेजा गया है। इसी बात से नाराज छात्र होलकर भवन के सामने जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जब तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होगी ये प्रदर्शन ऐसे ही जारी रहेगा।   

बता दें कि असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति के इंटरव्यू में SC/OBC के कैंडिडेट को इसलिए अयोग्य करार देते हुए उन सभी छात्रों को एडमिट कार्ड नहीं भेजा गया, जिससे नाराज छात्र होल्कर भवन के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि यह पूरी तरह अवैधानिक है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के आदेशों के विरुद्ध है।यूजीसी द्वारा जारी दिशानिर्देशों में असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए केवल NET की पात्रता होना अनिवार्य है। कोई भी अभ्यर्थी इसलिए अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि वह अपनी कैटागिरी में नेट पास किया है। इस मामले की जांच होनी चाहिए।

जब छात्र नेता जितेंद्र सिंह ने कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में जातिवाद का खेल शुरू हो गया है। जातिवाद के खेल की ही वजह से एडमिट कार्ड छात्रों को नहीं भेजा गया है। वहीं कार्यालय के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन्होने ही जानबूझकर एडमिट कार्ड नहीं भेजा है। इस मामले की पूरी जानकारी वीसी को भी नहीं है। यूजीसी और एचआरडी मिनिस्ट्री कहीं ऐसा नहीं कहती है कि आपने कैटेगरी में परीक्षा पास की है इसलिए आपको जनरल कैटिगरी का एडमिट कार्ड नहीं भेजा जाएगा। जब तक इस मामले पर कार्रवाई नहीं की जाएगी तब तक ये प्रदर्शन चलता रहेगा।