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BHU: एडमिशन के लिए बने नए रोस्टर सिस्टम को लेकर छात्रों ने दिया धरना

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय की शोध प्रवेश प्रक्रिया में रिजर्वेशन की पुरानी प्रक्रिया की बहाली को लेकर छात्रों ने धरना दिया। छात्रों की मांग है कि पहले जितना आरक्षण मिलता था, उसी प्रक्रिया को फिर से लागू किया जाये। 

 छात्रों का आरोप है कि बीएचयू के पीएचडी एडमिशन के लिए नया रोस्टर सिस्टम पूरी तरह से गैर कानूनी और मनमाना ढंग से बनाया गया है। किसी भी पाठ्यक्रम के एडमिशन के लिए देश में कोई रोस्टर सिस्टम जैसी पद्धति लागू नहीं है, बल्कि कुल सीटों के अनुपात में विभिन्न वर्गों के लिए समुचित आरक्षण वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप दिया जाता है।  बीएचयू द्वारा बनाया गया रोस्टर फार्मूला में एससी, एसटी व ओबीसी को मिलने वाला क्रमशः 15% 7.5% व  27% आरक्षण को पूरी तरह से अनदेखा किया गया है, जबकि सामान्य वर्ग की उच्च जातियों के लिए 62% से अधिक सीटें आरक्षित कर दी गई है।

छात्रों ने बताया कि इसमें साफ जाहिर होता है कि बीएचयू द्वारा अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़े वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा से वंचित रखने का सुनियोजित षडयंत्र रचा गया है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय की बहुजन इकाई एससी, एसटी स्टूडेंट छात्र कार्यक्रम आयोजन समिति व ओबीसी एससी एसटी एमटी संघर्ष समिति ने इस पूरे मामले पर रोष व्यक्तकिया है।  साथ ही उन्होंने कहा है कि जल्द ही इस प्रक्रिया को पहले की तरह न्यायपूर्ण नहीं  बनाया गया तो विश्वविद्यालय के छात्र आंदोलन को जारी रखेंगे।

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