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स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रहा नगर निगम कार्यालय

वाराणसी। वाराणसी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत की गई और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का काम किया जा रहा हैं। बावजूद इसके उनके ही संसदीय क्षेत्र में नगर की स्वच्छता का जिम्मा उठाने वाली नगर निगम बदहाली का शिकार है।

वाराणसी नगर निगम परिसर के लोकवाणी केंद्र के पीछे बने डंपिंग कंपाउंड का वह हिस्सा जहां ई-रिक्शा का पंजीकरण किया जाता है, गंदगी के अंबार से पटा पड़ा हुआ है। यहां चारों ओर इस कदर गंदगी फैली हुई है कि पल भर खड़ा होना भी दुश्वार हो जाता है। इसके कारण यहां बीमारियां भी अब अपना पांव पसारने लगीं हैं।

पार्षद मनोज यादव ने इसके लिए नगर निगम को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि डंम्पिंग कम्पाउंड में कूड़े के अंबार लगने के पीछे नगर निगम प्रशासन की उदासीनता साफ तौर पर देखने को मिलती है।

वाड़ी केन्द्र में काम करने वाले शिवम भी इस गंदगी का जिम्मेदार नगर आयुक्त को बताते हुए कहते हैं कि यहां कभी झाड़ू तक नहीं लगता है। वैसे नगर आयुक्त तो कई बार आ चुके हैं और साफ सफाई करवाने की बात करते हैं, लेकिन लगभग सात साल से ऐसी ही स्थिति बनी हुई है।

इतना ही नहीं यह नगर निगम के द्वितीय तल की वह सीढ़ी है, जिसका उपयोग वर्तमान में नहीं होता है और यह बन्द पड़ा हुआ है। इससे यहां सवाल यह खड़ा होता है कि क्या गन्दगी के कारण इसका उपयोग नहीं होता, या फिर उपयोग नहीं होता, इसलिए इसे गन्दा छोड़ दिया गया है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिरकार नगर निगम प्रशासन जब अपने आंगन की ही सफाई कर पाने में असमर्थ हैं, तो शहर के स्वच्छता की जिम्मेदारी का निर्वहन वह किस प्रकार करता होगा?

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