GHAZIPUR: आईडी पासवर्ड बेचकर धड़ल्ले से बनाए जा रहे हैं ‘आयुष्मान भारत कार्ड’

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गाजीपुर। प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत पर इन दिनों ग्रहण सा लग गया है। भ्रष्टाचार का ऐसा खेल देखने को मिला कि गोल्डन कार्ड बनाने वालों ने ही गोल्डन कार्ड बेच दिया। गाजीपुर में फर्जी कार्ड बनाकर न जाने कितने मरीजों ने आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी उठा लिया। वहीं आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाए जाने को लेकर सरकार और जिला प्रशासन का दावा था कि इसमें फर्जीवाड़ा नहीं हो सकता, लेकिन गाजीपुर की आईडी से इन दिनों अन्य जिलों में आयुष्मान कार्ड धड़ल्ले से बनाए जा रहे हैं।

बता दें कि आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी डॉ जितेंद्र दुबे ने बताया कि मुख्य सचिव द्वारा 21 नवंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंस किया गया था। उसमें यह जानकारी दी गई कि झांसी में 196 परिवारों का गोल्डन कार्ड गाजीपुर की आईडी से एक्टिव किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आईडी एक्टिव करने के लिए गाजीपर के आयुष्मान मित्र ओम प्रकाश यादव का आईडी पासवर्ड इस्तेमाल किया गया। नोडल अधिकारी ने बताया कि ओमप्रकाश यादव से पूछताछ के दौरान उनके मोबाइल में कई संदिग्ध नंबर मिले। जिसमें व्हाट्सएप पर गोल्डन कार्ड बनाने के संबंध में बातचीत हुई थी। संबंधित व्यक्ति उत्तराखंड और झांसी के बताए जा रहे थे।

 उन्होंने बताया कि मामले से जुड़ी समस्त जानकारी सीएमओ को दी गई। वहीं पूरे प्रकरण की जांच एसीएमओ डॉ आर के सिन्हा को दी गई है। आयुष्मान कार्ड बनाने में आईडी के अवैध प्रयोग  की जानकारी होने पर आईबी की टीम ने आयुष्मान ऑफिस पर पहुंच गोल्डन कार्ड और आयुष्मान संबंधित सभी फाइलों को जब्त कर लिया।