LUCKNOW: चार बड़ी परियोजनाओं से AYODHYA को मिलेगी नयी पहचान

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ब्यूरो रिपोर्ट। राम मंदिर निर्माण संबंधी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद से ही प्रदेश और केंद्र सरकार अयोध्या को नयी पहचान दिलाने में सक्रिय हो गयी हैं। राज्य सरकार ने चार प्रमुख परियोजनाओं के माध्यम से विकास कार्य कराते हुए अयोध्या को नया रूप देने की कवायद शुरू की है। सरकार इन परियोजनाओं के माध्यम से अयोध्या को वृहद अयोध्या में परिवर्तित करने में जुट गयी है। संभावना है कि अगले कुछ वर्षो में उसे पुराने गौरव के साथ ही नयी पहचान मिल जायेगी।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सीएम योगी अयोध्या के विकास की एक-एक योजना पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। अब राज्य सरकार जिन चार प्रमुख परियोजनाओं के विकास पर कार्य करने जा रही है, उसमें एक परियोजना देश के प्रमुख शहरों से अयोध्या तक पहुंचने के मार्ग को सुगम बनाना है। इसके लिए अयोध्या को चौड़ी सड़कों, ओवरब्रिज, रेलवे और एयरपोर्ट का विस्तार देकर जोड़ने की है। इसके लिए यूपी का पीडब्ल्यूडी और केंद्र सरकार के रेलवे, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और एयरपोर्ट अथारिटी विभाग संयुक्त रूप से काम करेगा।

दूसरी परियोजना अयोध्या को अमृत योजना के माध्यम से विकसित करने की है। इसके लिये बहुराष्ट्रीय सलाहकार कंपनी प्राइस वाटर हाउस पूरी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर रही है। इस परियोजना में वर्तमान अयोध्या शहर को कुंभ सिटी की तर्ज पर विकसित करने के लिए आधारभूत सुविधाओं में आमूलचूल पर्वितन किया जायेगा। जैसे कि बिजली, सड़क, पानी की पर्याप्त उपलब्धता की व्यवस्था होगी, जिससे बाहर से आने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।

तीसरी परियोजना के तहत अयोध्या में भव्य राम की मूर्ति के साथ ही त्रेता युग के इक्ष्वाकुपुरी की तर्ज पर विकसित कराने की है। इसके लिए धन की व्यवस्था राज्य सरकार और जनता दोनों के सहयोग से की जायेगी। इस परियोजना में सरयू के किनारे भव्य श्रीराम की मूर्ति स्थापित करने की है। इसके लिए सिंचाई विभाग, नजूल, वन और ग्राम समाज व हार्टीकल्चर विभाग से जमीन लेने की योजना है। राज्य सरकार ने इसके तहत 263 करोड़ रुपये जारी कर दिया है।

चौथी और सबसे महत्वपूर्ण परियोजना अयोध्या में राम जन्म भूमि परिसर में श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के माध्यम से उपलब्ध 67 एकड़ भूमि पर भव्य एवं विशाल श्रीराममंदिर के निर्माण की है। इस परियोजना को रामकोट नाम के तीन गांवों को शामिल करते हुए ट्रस्ट में उपलब्ध धन से पूरा किया जायेगा। जरूरत पड़ने पर सरकार इसमें जनसहभागिता से भी धन जुटाने पर विचार कर सकती है। राज्य सरकार अयोध्या को उसकी पुरानी गरिमा लौटाने के साथ ही आधुनिक रूप देने में जुट गयी है।