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एक नजर में जीवन परिचय : भाजपा की मजबूत नींव कहे जाते थे अरूण जेटली

दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के मजबूत नींव कहे जाने वाले पूर्व केन्द्रीय वित्तमंत्री अरूण जेटली का लंबी बीमारी के बाद शनिवार को निधन हो गया। उन्हें 9 अगस्त को ही दिल्ली के एम्स में सांस लेने में शिकायत होने के बाद भर्ती कराया गया था। खराब स्वास्थ्य होने के कारण ही जेटली ने 2019 का लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण, संघ प्रमुख मोहन भागवत, बसपा नेता मायावती समेत कई अन्य दिग्गज नेता उनका हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे थे। जेटली के निधन से पूरे देश में शोक की लहर चल पड़ी है और हर किसी की आंखे नम हो गई है।

जीवन परिचय : महाराज किशन जेटली और रतन प्रभा जेटली के यहां 28 दिसंबर 1992 को जन्मे अरूण जेटली ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा
सेंट जेवियर्स स्कूल, नई दिल्ली से 1957-69 में पूर्ण की। उन्होंने 1973 में श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, नई दिल्ली से कॉमर्स में स्नातक किया। 1977 में दिल्ली विश्‍वविद्यालय के विधि संकाय से विधि की डिग्री प्राप्त की। छात्र के रूप में अपने कैरियर के दौरान, उन्होंने अकादमिक और पाठ्यक्रम के अतिरिक्त गतिविधियों दोनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के विभिन्न सम्मानों को प्राप्त किया। वो 1974 में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संगठन के अध्यक्ष भी रहे। अरुण जेटली ने 24 मई 1982 को संगीता जेटली से विवाह कर लिया, जिनसे उन्हें दो बच्चे, पुत्र रोहन और पुत्री सोनाली हैं।

राजनीतिक जीवन :
1977 में वह जनसंघ में शामिल हुए।
1977 में ही उन्हें दिल्ली एबीवीपी के अध्यक्ष और एबीवीपी के अखिल भारतीय सचिव के रूप में नियुक्त किया गया।
1980 में भाजपा के युवा मोर्चा के अध्यक्ष बने।
1991 में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बने।
1999 में भाजपा के प्रवक्ता के रूप में नियुक्त किए गए।
13 अक्टूबर 1999 को वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में नियुक्त किए गए।
राम जेठमलानी के इस्तीफे के बाद उन्हें एक कानून, न्याय, जहाजरानी और कम्पनी मामलों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया।
2000 में वह विधि, न्याय और कम्पनी मामलों एवं जहाजरानी मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री बने।
1 जुलाई 2002 को भाजपा के राष्ट्रीय सचिव बने।
29 जनवरी 2003 को उन्हें कानून और न्याय मंत्री और उद्योग मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया।
3 जून 2009 को उन्हें राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में चुना गया।
वर्ष 2014 के आम चुनाव में उन्होंने अमृतसर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और अमरिंदर सिंह (कांग्रेस उम्मीदवार) से हार गए।
26 मई 2014 को जेटली को नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वित्त मंत्री (जिसमें कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय भी शामिल थे) और
उनके कैबिनेट में रक्षा मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया।
इसके उपरांत इन्होंने स्वास्थ्य खराब होने के कारण लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ा।

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