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अलर्ट! अगर आप पेरेंट्स हैं तो ये खबर आपके लिए है बेहद जरुरी, समय रहते हो जाएं सचेत

रिपोर्ट: सौम्या
नई दिल्ली। बीते सोमवार की सुबह ब्वॉयज लॉकर रूम को लेकर ट्विटर पर एक ट्रेंड चलने लगा था। इस ग्रुप में अश्लील चैटिंग की जा रही थी। यह देख एक ट्विटर यूजर ने ग्रुप का स्क्रीन शॉट लेकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। इसके बाद छात्रों की करतूत हर किसी के सामने आ गई। वहीं जब इस मामले ने तूल पकड़ना शुरू किया तो दिल्ली पुलिस हरकत में आई और  संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। अब तक इस मामले में पुलिस ने ब्वॉयज लॉकर रूम के एडमिन को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार एडमिन बालिग है और वह नोएडा के एक स्कूल में पढ़ता है। उसने इसी साल 12वीं कक्षा की परीक्षा दी है। 

जांच में पता चला है कि ग्रुप इसी ने बनाया था और ये अकेला ग्रुप एडमिन था। इसके अलावा ग्रुप से जुड़े 15 लड़कों से पूछताछ हुई, जिसमें अधिकतर लड़के नाबालिग हैं। अभी तक कुल 27 ग्रुप मेंबरों की पहचान हुई है। इन सभी के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। गौरतलब है कि दक्षिणी दिल्ली के चार या पांच स्कूलों के कक्षा 11 और 12 के छात्र इस ग्रुप में शामिल थे।  ये सभी स्‍कूली छात्र रेप, सेक्‍स और इससे जुड़े अन्‍य मुद्दों पर चर्चा किया करते थे। ‘ब्वॉयज लॉकर रूम्स’ ग्रुप में अश्लील संदेश और छेड़छाड़ करके बनाई गई नाबालिग लड़कियों की तस्वीरों को शेयर किया गया था।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस ग्रुप में छात्र छोटी-छोटी छात्राओं की फोटो डाल अश्लील बातें कर रहे थे। वे लड़कियों की जिंदगी खराब करने से लेकर दुष्कर्म करने तक की बात कर रहे थे। डीसीपी साइबर सेल अन्येश रॉय का कहना है कि मामला सामने आते ही इंस्टाग्राम को पत्र लिख ग्रुप को डिलीट करा दिया गया। उधर इस मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवल ने इंस्टाग्राम को नोटिस भेज ग्रुप के एडमिन व सदस्यों की जानकारी के साथ ही यूजर्स नेम, हैंडल नेम, ईमेल आइडी, आइपी एड्रेस व लोकेशन आदि की जानकारी मांगी है। इंस्टाग्राम को पूरी जानकारी 8 मई तक मुहैया कराने को कहा गया है। इसके साथ छात्रों के परिजन की भी जानकारी मांगी गई है।

वहीं साइबर सेल के सूत्रों के मुताबिक आरोपी छात्र ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने 4 दोस्तों के साथ मिलकर इस ग्रुप की शुरुआत थी। साइबर सेल ग्रुप के 27 लोगों की पहचान कर चुकी है। अब तक 11 लोगों के मोबाइल जब्त किए गए हैं। इस ग्रुप में दिल्ली और नोएडा के स्टूडेंट्स का पता चला है। साइबर सेल ने इंस्टाग्राम से इस ग्रुप की पूरी डिटेल मांगी है क्योंकि ग्रुप की चैट वायरल होने के बाद ग्रुप को डिलीट कर दिया गया था। इस मामले में एक नाबालिग पहले ही पकड़ा जा चुका है।हालांकि बॉयज लॉकर रूम केस पर स्वत: संज्ञान लेने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल को दो वकीलों की तरफ से एक पत्र लिखा गया है। पत्र के जरिए इस मामले में सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।आपको बता दें कि बॉयज लॉकर रूम का एडमिन 12वीं कक्षा का एक छात्र है। आरोपी एनसीआर के ही एक स्कूल का छात्र है।

इस मामले की जांच करने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 4 मई को आईटी एक्ट और आईपीसी की धाराओं के तहत एक एफआईआर दर्ज कर ली गयी है। अगर आप भी पेरेंट्स हैं तो समय रहते ही सचेत होने की बहुत आवश्यकता है। क्योंकि आज की तारीख में आपका बच्चा मोबाईल अथवा सोशल साइट पर कितना समय बीतता है और क्या कुछ सर्फिंग करता है उसकी जानकारी आपको होना चाहिए ताकि किसी गलत रास्ते पर अपने बच्चे को जाने से आप रोक सकें।

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