अपना प्रदेश

एक ऐसा शहर जहां शहीदों के लिए जलाते हैं पूरे कार्तिक माह आकाशदीप

वाराणसी। पवित्र महीने कार्तिक की शुरुआत हो गयी है। मान्यता है कि इस महीने में आकाशदीप ज़लाने से माँ लक्ष्मी प्रसन्न होकर पूर्वजों की आत्मा को शांति प्रदान करती है और इसीलिए पूरे कार्तिक मास में आकाशदीप की परम्परा काशी में सदियों से चली आ रही है। वाराणसी के दशाश्मेध घाट पर गंगा सेवानिधी के ततवधान में आयोजित आकाशदीप प्रज्जवलन कार्यक्रम में आज एक अलग और खास मकसद के साथ दीपदान किया गया।इस कार्यक्रम में आकाशदीप ज़लाने वाले भी कुछ ख़ास ही थे। ये वही थे जिनके ऊपर देश की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी है और आकाशदीप ज़लाने का मकसद था देश के लिए शहीद होने वाले ज़वानो को श्रद्धांजलि देना।

आकाश में सितारों की तरह टिमटिमा रहे आकाशदीप को कार्तिक में भगवान् को प्रसन्न करने के लिए प्रज्वलित किया जाता है। आकाशदीप प्रज्जवलन कार्यक्रम में सेना के ज़वानों द्वारा इसे जलाने के पीछे खास मकसद उनके जो साथी देश के लिए शहीद हुए हैं, उनकी शहादत को सलाम कना था। साथ ही भगवान से ये प्रार्थना भी की गई कि शहीदों की आत्मा ज़हां कहीं भी हो शांति और सुकून से हो।

इस दौरान कार्यक्रम में बतौर अतिथि उपस्थित एडीजी जोन वाराणसी बृजभूषण ने बताया कि हमने इस कार्यक्रम के माध्यम से हमने अपने अमर शहीदों को सम्मान दिया है। इस तरह के आयोजनों से जवानों को बल मिलता है कि इस तरह का सम्मान देकर हम उनके प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। आयोजक गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत पांडेय ने बताया कि हर वर्ष होने वाली इस आकाशदीप उत्सव में शहीद हुए जवानों के लिए पूरा कार्तिक माह तक के लिए आकाशदीप जलाने की शुरुआत की गयी है,जो पूरे कार्तिक मास तक अनवरत जारी रहेगा। कार्यक्रम में 36वीं पीएससी बटालियन के कमांडर पवन कुमार भी मौजूद रहें।

Click to comment

You must be logged in to post a comment Login

Leave a Reply

Most Popular

To Top