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लंगड़ा आम के बाद अब बनारसी मिठाई भी पहुंचने लगी सात समंदर पार, मशहूर कैटरर्स कई देशों में घोल रहे हैं बनारस की मिठास

रिपोर्टः- विजेन्द्र मिश्र

वाराणसी। कोरोना ने देश के करोड़ों लोगों के रोजगार पर असर डाला है। लाखों लोग बेरोजगार हो गए और उनके पास अब रोजी रोटी का कोई संसाधन नहीं है। इन सबके बीच वाराणसी में एक तरफ जहां बनारसी पान और साड़ियों की डिमांड दूर-दूर तक है। वहीं अब मिठाइयों का प्रचलन भी तेजी से बढ़ने लगा है। कोरोना के इस काल में ऑनलाइन ऑर्डर देकर लोग देश के अलग-अलग कोनों से मिठाइयों की डिमांड कर रहे हैं। अभी कुछ दिन पहले ही बनारस के लंगड़ा आम को सात समंदर पार दुबई भेजा गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्म निर्भर बनने की बात को उनके संसदीय क्षेत्र के लोग चरितार्थ करने में लग गए हैं। आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बनारस ने अपना योगदान देना शुरु कर दिया है।

विदेशों से मिल रहे मिठाईयों के ऑर्डर

बनारस की मशहूर साड़ी और बनारस का मशहूर पान के बाद अब बनारस की मशहूर मिठाइयां विदेशों तक डिमांड में हैं। देश के अलग-अलग कोने से और विदेशों से लोग ऑनलाइन व्हाट्सएप के माध्यम से आर्डर दे रहे हैं और यहां के व्यवसाई होम डिलीवरी की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। केटरिंग व्यवसाई शरद बताते हैं कि उनके पास हैदराबाद, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों से मिठाइयों का ऑनलाइन आर्डर मिलता है। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया के सिडनी से भी कुछ लोगों ने मिठाइयों का आर्डर दिया है। शरद उन मिठाइयों को तैयार करवा कर हवाई जहाज के माध्यम से उन शहरों में और विदेशों में भेजने का काम करते हैं। शरद बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस तरह से आत्मनिर्भर होने की बात कही है, इसीलिए अब हम अपने व्यवसाय को इंटरनेट से जोड़ते हुए आगे बढ़ा रहे हैं।

देश के कई शहरों से हुई डिमांड

शरद ने बताया कि हैदराबाद के रहने वाले साई निलियम में उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से मिठाइयों के लिए ऑनलाइन आर्डर दिया है, इसके अलावा हैदराबाद से ही सत्यजीत शुक्ला ने भी मिठाइयों के लिए बात की है। शरद ने बताया कि वह इनके आर्डर को स्वीकार करते हुए उन्हें होम डिलीवरी करने की बात कही है। इसके पहले भी शरद को कई और ऐसे आर्डर आ चुके हैं, उन आर्डर को शरद ने पूरा भी किया है। मुख्य रूप से गोंद के लड्डू, लॉगलता, काजू कतली इस तरह की मिठाइयों का ज्यादा डिमांड है, क्योंकि यह मिठाइयां जल्दी खराब नहीं होती। मार्केट से कुछ पैसे ज्यादा देने होते हैं, लेकिन शुद्धता की गारंटी लेते हुए शरद इसे फ्लाइट से उन शहरों में डिलीवर करते हैं, जहां से इनकी डिमांड की गई है।

इंटरनेट की है अहम भूमिका

लॉक डाउन के बीच बनारस के सांसद व देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्म निर्भर बनने की बात कही थी। ऐसे लोग जो नौकरी से हाथ धो चुके हैं उनके लिए यह प्रेरणा का स्रोत है कि कैसे एक शहर में बैठकर देश के अलग-अलग शहरों में और विदेशों में ऑनलाइन डिलीवरी की जा सकती है और रोजगार को घर से किया सकता है। अपने हुनर को निखारने का यही सही वक्त है और देश के अलग-अलग हिस्सों में आप के हुनर की कदर हो इसका जरिया इंटरनेट है। ऑनलाइन ऑर्डर लेकर उसे डिलीवर करना और घर पर रहना। इससे रोजगार भी मिलता रहेगा और लोग अपने घर रहकर परिवार के साथ समय भी बीता सकते हैं।

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