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बाढ़ के बाद अब बीमारियों की बारी, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

 गाज़ीपुर। यूपी में गंगा के तटवर्ती जिलों में बाढ़ का पानी घटने लगा है। गाजीपुर में बाढ़ का पानी लगभग उतर चुका है। रिलिफ कैम्प से लोग अपने घरों को लौटने लगे हैं, लेकिन गंगा के रौद्र रूप से उत्पन्न हुई परिस्थितियां लोगों के लिए मुश्किलों का सबब बनी हुई है। हालात को देखते हुए महामारी फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए गाजीपुर स्वास्थ्य विभाग अपनी पूरी तैयारी कर चूका है। 

बाढ़ के घटाव के साथ ही महामारी के खतरों से लोगों को बचाना और जन-जीवन को फिर से पटरी पर लाना राज्य सरकार के लिये एक बड़ी चुनौती है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें और स्थानीय सीएचसी पीएचसी इस काम में लगी हुई हैं, जिससे कि लोगों को स्वच्छ पीने का पानी, सांप और जहरीले जीवों के काटने पर इंजेक्शन दवाएं पर्याप्त मात्रा में कैंपों पर उपलब्ध कराई जा सके।

बाढ़ राहत के नोडल अधिकारी डॉक्टर आर के सिन्हा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में दवाओं का स्टॉक है। सभी प्रकार की बीमारियों से निपटने के लिये कुल 90 प्रकार की दवाओं का तीन महीने का स्टॉक विभाग के पास उपलब्ध है। सभी रिलीफ कैम्प में मेडिकल चेकअप कैम्प चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा इमरजेंसी से निपटने के लिये मेडिकल वैन की पर्याप्त संख्या में व्यवस्था की गई है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में हर व्यक्ति को क्लोरीन की गोली दी जा रही है। ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की जा रही है। पानी और बढ़ भी सकता है। हर स्थिति से निपटने के लिए 92 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। सभी चौकियों पर 92 राहत टीमें भी तैनात की गई हैं। इस टीम में एक डॉक्टर एक फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय या महिला कार्यकर्ती मौजूद है। सभी टीम में तीन सदस्य हैं। गाजीपुर में बाढ़ से निपटने के लिए 8 सीएचसी पीएचसी लगे हैं। वहीं सांप काटने की दवा 90 से 155 फॉयल हर केंद्र पर उपलब्ध है।

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