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पुलवामा हमलाः “एक आह भरी होगी, हमने न सुनी होगी, जाते-जाते तुमने आवाज़ तो दी होगी”

ब्यूरो डेस्क। “एक आह भरी होगी, हमने नासुनी होगी, जाते जाते तुमने आवाज़ तो दी होगी”, जगजीत सिंह की ये पंक्तियां सीआरपीएफ के उन वीर जवानों के लिए है, जो पिछले साल पुलवामा हमले में शहीद हुए थे। आज ही के दिन पिछले साल पाक की नापाक करतूतों की वजह से भारत ने अपने 40 वीर जवानों को खो दिया था। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले की आज पहली बरसी है और देश नम आंखों से अपने शहीद जवानों को याद कर रहा है। सीआरपीएफ ने अपने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि हमने भूला नहीं, हमने छोड़ा नहीं।

बता दें कि 14 फरवरी 2019 को सीआरपीएफ के काफिले पर कायरतापूर्ण यह हमला तब हुआ था, जब यह जम्मू से श्रीनगर जा रहा था। सीआरपीएफ ने इसी टवीट में यह भी लिखा कि तुम्हारे शौर्य के गीत, कर्कश शोर में खोये नहीं। गर्व इतना था कि हम देर तक रोये नहीं। पुलवामा हमले का सेना ने बदला भी ले लिया है। सेना ने 100 घंटे के अंदर पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड और जैश के स्थानीय आतंकी को मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद कुछ ही दिन बाद 27 फरवरी को बालाकोट में एयरस्ट्राइक की थी, जिसमें सैकड़ों आतंकियों के मारे जाने का दावा किया था।

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