नागरिक संशोधन विधेयक के विरोध में यूथ कांग्रेस ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन 

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रिपोर्ट -नोमेश कुलदीप

वाराणसी। नागरिक संशोधन विधेयक में मुस्लिम समुदाय को भी शामिल करने की मांग को लेकर जहां पूरे देश में विरोध देखने को मिल रहा है,वहीं वाराणसी में भी उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस अल्पसंख्यक (एनएसयूआई) के सस्दस्यों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में उन्होंने मांग किया है कि नागरिक संशोधन विधेयक में भारत के संविधान जिसकी मूल भावना धर्मनिरपेक्ष का समानता है, इसके विपरीत मुस्लिम समुदाय को इसमें शामिल नहीं किया गया है। 

युवा कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता हिफाजत हुसैन आलम ने ज्ञापन देने के बाद मिडिया से बात करते  हुए कहा कि देश के गृह मंत्री अमित शाह संसद में बयान देते है कि जो लोग अपने देश में धर्म के आधार पर प्रताड़ित किये गए है। उसके चलते अपने देश को छोड़कर हमारे यहां शरणार्थी बनकर आए है। वैसे लोगों को हम नागरिक संशोधन बिल के तहत उन्हें भारत की नागरिकता देंगे। ऐसे में तो बहुत से मुसलमान भी अपने देश से प्रताड़ित हो कर भारत में आए हैं,जिसमें से बांग्लादेशी मुसलमान, रोहिंग्या मुसलमान है। इन लोगों को सरकार नागरिकता क्यों नहीं दे रही है। धर्म के आधार पर सरकार इस तरह की राजनीति कर रही है। यह देश के हित में नहीं है।

नागरिक संशोधन बिल लोक सभा में पास होने के बाद केंद्र सरकार आज इसे राज्यसभा में पेश कर रही है। इस बिल के खिलाफ पिछले 48 घंटो से पूर्वोत्तर राज्यों से लेकर देश के अन्य राज्यों में विरोध देखने को मिल रहा है।