VARANASI: 37वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न, स्वामी शरणानंद महाराज को मिली उपाधि

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रिपोर्ट- नोमेश

वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के 37वें दीक्षांत समारोह में तीन दशक के बाद महामहोपाध्याय की उपाधि स्वामी शरणानंद महाराज को दी गयी। इस वर्ष महज 14.03 छात्राओं को मेडल मिला, जबकि 85.97 छात्रों ने पदक तालिका में स्थान बनाया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलाधिपति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया। 

बता दें कि समारोह में 33 छात्रों को 59 स्वर्ण पदक दिए गए। आचार्य की परीक्षा में सर्वोच्च अंक पाने वाले स्वामी अद्भुत वल्लभदास को 10 स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि यूजीसी के उपाध्यक्ष प्रो. भूषण पटवर्धन और अध्यक्ष कुलाधिपति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शिरकत किया। 32 मेधावियों को कुल 57 मेडल से विभूषित किया गया। इनमें 49 मेडल छात्रों व आठ मेडल छात्राओं को प्रदान किया गया।

आचार्य कक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले स्वामी अद्भुत वल्लभदास को 10 स्वर्ण, हरिओम शर्मा को पांच स्वर्ण, राहुल कुमार पांडेय को चार स्वर्ण, प्रकाश पांडेय को तीन स्वर्ण, टीका देवी को दो स्वर्ण व सुमन तिवारी को एक स्वर्ण एवं एक रजत से नवाजा गया। वहीं प्रथमा, पूर्व मध्यमा, उत्तर मध्यमा, शास्त्री, आचार्य, शिक्षा शास्त्री, पुरातत्व एवं संग्रहालय, पत्रकारिता एवं जनसंचार विज्ञान स्नातकोत्तर, ग्रंथालय एवं सूचना विज्ञान शास्त्री, संस्कृत प्रमाण पत्रीय, विद्यावारिधि एवं विद्या वाचस्पति के कुल 22726 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गईं। इनमें 11936 छात्र व 10790 छात्राएं सम्मिलित हैं।