26 दिसम्बर को लगेगा साल का अंतिम सूर्यग्रहण, होगा ये बड़ा फेरबदल

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वाराणसी। साल का अंतिम सूर्यग्रहण 26 दिसंबर गुरुवार को लग रहा है। यह ग्रहण मूल नक्षत्र एवं धनु राशि पर लगेगा, जिसकी वजह से धनु राशि विशेष प्रभावित होगी। इस दिन धनु राशि में 6 ग्रह सूर्य, चंद्रमा, बुध, गुरु, शनि एवं केतु स्थित रहेंगे। जिनका जन्म धनु राशि एवं मूल नक्षत्र में हुआ है उनके लिए यह ग्रहण शुभ फलदाई नहीं है, उन्हें यह ग्रहण बिल्कुल नहीं देखना चाहिए। 

ज्योतिषविद विमल जैन ने बताया कि ग्रहण का स्पर्श काल भारतीय मानक समय के अनुसार 26 दिसंबर गुरुवार को प्रातः 8:00 बजे लगेगा। ग्रहण का मध्य 10:48 पर और ग्रहण का मोक्ष काल 12:36 पर होगा। बता दें कि सूर्य ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से 12 घंटे पूर्व प्रारंभ हो जाता है। ये ग्रहण पूर्वी यूरोप, दक्षिण पूर्व एशिया,उत्तर पूर्व ऑस्ट्रेलिया, सोलोमन द्वीपसमूह,अफ्रीका के उत्तर-पूर्वी भाग, प्रशांत महासागर और हिंद महासागर के विस्तृत क्षेत्र में दिखाई देगा।

वहीं खग्रास के रूप में सूर्यग्रहण मध्यपूर्व के सऊदी अरब, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, उत्तर पूर्वी पाकिस्तान, लक्ष्यद्वीप, अरब सागर होता हुआ दक्षिण भारत, श्रीलंका, मालदीव, उत्तरी सुमात्रा, दक्षिण मलेशिया, इंडोनेशिया और सिंगापुर के कुछ भाग, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी भाग के बाहर के कुछ देशों में दिखाई देने की संभावना है।

ज्योतिषविद विमल जैन के अनुसार काशी में ग्रहण का स्पर्शकाल प्रातः 8:20 पर होगा। मध्यकाल प्रातः 9:40 पर तथा ग्रहण का मोक्ष कल दिन में 11:13 पर होगा। विमल जैन ने बताया कि सूतक काल के आरंभ होने के पूर्व मंदिरों के कपाट बंद हो जायेंगे। सूतक काल में हास्य-विनोद, मनोरंजन, भोजन करना, व्यर्थ वार्तालाप, अकारण भ्रमण करना वर्जित है। इस काल में यथासंभव मौन व्रत रहते हुए अपने जरूरी कार्यों को संपन्न करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण देखना पूर्णतया वर्जित है। एकांत स्थान पर अपने देवता के मंत्र का जाप करना चाहिए। इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव विश्व पर भी अपना असर दिखायेगा, जिसकी वजह से  शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा, मौसम में बड़ा फेरबदल होगा , राजनीति में भी उठा पटक दिखेगा।