देश में अमन चैन के लिए 25 हजार मुसलमानों ने वाराणसी में एक साथ पढ़ी नमाज

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वाराणसी। सदियों पुरानी परंपरा के अगहनी जुम्मा की नमाज पुराना पुल स्थित ईदगाह में अदा की गई। नमाज मौलाना नूरुल हसन ने ये नमाज अदा करायी। अगहनी जुम्मे की नमाज तंजीम बाईसी के सरदार और हाजी कलाम साहब के पूरे देख रेख में होता है। इस मौके पर सारे मुस्लिम एक साथ इकठ्ठा होकर देश के अमन चैन व खुशहाली की दुआ करते है।

इस मौके पर सरदार हाजी अब्दुल कलाम ने कहा कि अगहनी जुम्मे की नमाज एकता और भाईचारा की मिसाल पेश करती है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र महीने में हम सब अगहनी जुम्मे की नमाज अदा करने का कारण ये है कि सदियों पहले जब मुल्क में अकाल पड़ा था और बारिश न होने की वजह से किसान भाईयों की फसल बर्बाद हो गयी थी। वहीं बुनकर भी अपने कारोबार से परेशान चल रहे थे। तब सभी मुसलमानों ने ईदगाह में इकट्ठा होकर नमाज अदा किया इसके बाद मुल्क में खुशहाली आई। सरदार हाजी ने कहा कि इस परंपरा को अभी तक सब निभाते चले आ रहे है।

तंजीम बावनी हाजी ने कहा कि अगहनी जुम्मे की यह परंपरा लगभग 500 साल पुरानी है। जो हम सब मुल्क की तरक्की, भाईचारा और कारोबार में बरकत के लिए इस नमाज को अदा करते हैं। उन्होंने कहा कि सभी मुस्लिम भाई अपना कारोबार बंद करके पुरानापुल ईदगाह के नमाज में शरीक हुए औऱ अगहनी जुम्मे की नमाज अदा किया। उन्होंने कहा कि हिंदू मुस्लिम एकता के लिए अगहनी जुम्मे की नमाज अदा करते है। हिंदू भाई गन्ने की दुकान लगाते हैं और हम सब उनसे गन्ना खरीदकर ले जाते हैं। यह गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल सिर्फ हमारे बनारस में ही देखने को मिलती है।